🌙 ठिठुरती रात में पहुँची मानवता की गर्माहट
आदर्श दानपात्र सेवा समिति ने नदी किनारे बसे जरूरतमंद परिवारों को दिया सर्द रातों से राहत का सहारा
📅 दिनांक : 29 नवंबर 2025 | स्थान : बालाघाट/किरनापुर
कड़ाके की ठंड से जूझ रही रात… और उसी रात 8 बजे मानवता का एक जीवंत उदाहरण छिंद गांव के समीप देखने को मिला। नदी किनारे झोपड़ियों में जीवन यापन कर रहे जरूरतमंद परिवारों तक आदर्श दानपात्र सेवा समिति, बालाघाट (म.प्र.) ने जन-सहयोग के माध्यम से राहत का अमूल्य स्पर्श पहुँचाया।
इन परिवारों का जीवन झाड़ू बनाकर चलता है, लेकिन सर्द हवाओं में फूस की झोपड़ियों में रहना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। जैसे ही समिति को इस स्थिति की जानकारी मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुँची और कंबल, स्वेटर, साड़ियाँ तथा आवश्यक वस्तुएँ वितरित कर मानवता की मिसाल पेश की।
🤝 मानवीय संवेदना का अहसास
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को राहत सामग्री पाते ही काँपते चेहरों पर जो सुकूनभरी मुस्कान उभरी—वही इस सेवा का सबसे बड़ा पुरस्कार रही।
समिति ने स्पष्ट कहा—
“यह सिर्फ वस्तु वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह विश्वास दिलाने का प्रयास है कि समाज हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।”
🌟 सहयोग की ताकत
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में समिति के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े दानदाताओं ने भी सक्रिय योगदान दिया।
समिति ने विशेष आभार व्यक्त किया—
डॉ. श्रीमती सरोज घोड़ेश्वर,
डॉ. वैशाली मेश्राम,
कविता खंडवाहे,
श्री बी.एस. घरते,
रोहित डोगरे,
प्रणीत नागवंशी,
संजय ठाकरे जी

