विकासखंड चावरपाठा के अंतर्गत मनकवारा में ग्राम पंचायत सचिव की फर्जी नियुक्ति को लेकर रामजी चौधरी ने सचिव एवं जांच समिति को लेकर गाडरवारा न्यायालय की शरण में जाएंगे। रामजी चौधरी ने मिडिया को बताया मैं अपना पक्ष रखने हेतु न्यायालय की शरण में जाकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी लड़ाई जारी रखुगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जांच हेतु एक आदेश जारी दिनांक 02/08/2024 को जारी किया था। जिसमें चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी और तीन दिवस के भीतर समिति को जांच करना थी और कलेक्टर महोदय, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी को प्रतिवेदन भेजना था। लेकिन जांच समिति के अधिकारियों ने एक माह से ज्यादा समय हो जाने पर भी एसडीम महोदय को जांच प्रतिवेदन नहीं भेजा है। जांच समिति के अधिकारी यशवंत ठाकुर बीपीओ जनपद पंचायत चांवरपाठा प्रभारी अजय द्विवेदी एपीओ जनपद पंचायत चांवरपाठा सह प्रभारी ऋषभ पचौरी एडीईओ जनपद पंचायत चांवरपाठा सहायक रामरतन ठाकुर पीसीओ जनपद पंचायत चांवरपाठा सहायक वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं किया जांच समिति ने और अभी तक एसडीएम महोदय को जांच प्रतिवेदन नहीं भेजा गया है। जांच समिति की उदासीनता के कारण क्या जांच समिति के ऊपर कोई दबाव है। जांच समिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फर्जी नियुक्ति के संबंध में साक्ष्य उपलब्ध कराने हेतु रामजी चौधरी को नोटिस जारी किया गया था। जिसमें रामजी चौधरी द्वारा सभी साक्ष्य सूचना के अधिकार से मिले जांच समिति को सौंप दिए हैं फिर भी जांच समिति बहुत समय लगा रही है। क्या कारण है इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं । मामला नरसिंहपुर जिले के जनपद पंचायत चांवरपाठा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मनकवारा में सन 2007 में पंचायत कर्मी सचिव की फर्जी नियुक्ति हुई थी। जिसमें सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दस्तावेजों से हुआ बड़ा खुलासा जिसमें बिना कक्षा दसवीं की अंक सूची प्राप्त बिना ही नियुक्ति दी गई है। और सभी जगह फर्जी प्रतिशत दर्शाया गया था। आखिरकार जांच समिति इतना समय क्यों लगा रही है और नियम कानून के तहत गाडरवारा न्यायालय की शरण जाने का फैसला किया। फर्जी सचिव को उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन जांच समिति द्वारा नहीं किया जा रहा है। इसलिए उनके विरुद्ध गाडरवारा न्यायालय मैं अपना पक्ष रखने हेतु न्यायालय की शरण लेंगे और भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।