Tuesday, December 9, 2025
HomeNoneसीमेंट की बोरियों के पीछे छिपा था 50 लाख का काला सच!"

सीमेंट की बोरियों के पीछे छिपा था 50 लाख का काला सच!”

गाडरवारा पुलिस की मुस्तैदी ने तस्करों की साजिश का किया पर्दाफाश

गाडरवारा, मध्य प्रदेश — 17 अप्रैल 2025
रात के करीब 3 बजे… जब पूरा शहर गहरी नींद में था, गाडरवारा पुलिस की एक टीम गश्त पर निकली थी। ठंडी हवा में सन्नाटा पसरा था, लेकिन पुलिस की नजरें चौकन्नी थीं। डॉयल 100 पर सवार उप निरीक्षक अमित गोटिया और उनकी टीम को क्या पता था कि इस रात उनका सामना होगा एक ऐसी साजिश से, जो इलाके की सबसे बड़ी शराब तस्करी में गिनी जाएगी।

वो ट्रक जो खामोश खड़ा था…

गोल्डन सिटी कॉलोनी के पास एक ट्रक और ट्रैक्टर संदिग्ध स्थिति में खड़े मिले। पास में कुछ लोग थे, लेकिन पुलिस की गाड़ी देखते ही वे अंधेरे में गायब हो गए। शक गहराया, और ट्रक नंबर RJ 19 GG 6377 की तलाशी शुरू हुई।

जैसे ही बोरियां हटाई गईं… आंखें फटी की फटी रह गईं!

600 पेटी अंग्रेजी शराब – बैगपाइपर ब्रांड!

सीमेंट की बोरियों के पीछे छिपाकर रखी गई थी 600 पेटी शराब। बाज़ार कीमत? लगभग 50 लाख रुपये! पुलिस ने तुरंत ट्रक, ट्रैक्टर और शराब को ज़ब्त कर लिया।

कहानी यहां खत्म नहीं होती…

यह महज़ तस्करी नहीं थी — यह एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा थी। नरसिंहपुर जिले में लगातार सक्रिय गिरोहों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधीक्षक श्रीमती मृगाखी डेका के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान की यह अब तक की सबसे बड़ी सफलता रही।

हीरो कौन?

इस ऑपरेशन की असली ताकत रहे – थाना प्रभारी विक्रम रजक, उपनिरीक्षक अमित गोटिया, श्रीराम रधुवंशी, अर्जुन बघेल और उनकी टीम के जांबाज़ साथी।
इनके नाम अब इलाके की जनता गर्व से ले रही है।


गाडरवारा कहता है – अब अपराधियों के लिए जगह नहीं!

एक शहर जाग रहा है… और कानून की रोशनी हर अंधेरे को चीर रही है।

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