
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर आए दिन वाहन दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। खराब सड़क, गड्ढे और लापरवाही भरा रख-रखाव, इन हादसों की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सड़क की बदहाली को लेकर केंद्रीय टीम 2 अगस्त को निरीक्षण करने वाली है। लेकिन निरीक्षण से ठीक एक दिन पहले संबंधित विभाग की ओर से सड़क की सतही मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। यह मरम्मत भी बिना किसी सुरक्षा मानकों के की जा रही है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की वास्तविक स्थिति को छिपाने और केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए यह मरम्मत कार्य जल्दबाज़ी में कराया जा रहा है। सड़क पर काम के दौरान न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही यातायात को सुरक्षित तरीके से डायवर्ट किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जल्दबाज़ी में की गई मरम्मत टिकाऊ नहीं होती और कुछ ही दिनों में सड़क फिर से खराब हो जाती है। वहीं, लोगों की मांग है कि सड़क की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, न कि केवल खानापूर्ति।