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April 18, 2024
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जयशंकर ने बताई कच्चातिवु की सच्‍चाई, खड़ी चट्टान कहकर श्रीलंका को दी गई थी भारतीय जमीन, इस पार्टी को भी घेरा


तिरुवनंतपुरम. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को तमिलनाडु की डीएमके पार्टी पर श्रीलंका को कच्चातिवु द्वीप देने के मामले में जमकर निशाना साधा. जयशंकर ने दावा किया कि इंदिरा गांधी ने जब पांच दशक पहले श्रीलंका को भारत का यह द्वीप सौंपा था तब डीएमके भी उसके पक्ष में थी. लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान तमिलनाडु में वोटिंग से पहले एस जयशंकर कहा कि राज्‍य के लोगों को इस मामले की पूरी सच्‍चाई पता होनी चाहिए.

एस. जयशंकर ने कहा, “मुझे लगता है कि जो सबसे महत्वपूर्ण है वह यह है कि तमिलनाडु के लोगों को सच्चाई पता होनी चाहिए. यह कैसे हुआ? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब केंद्र सरकार इस मुद्दे पर बातचीत कर रही थी, तो वे वास्तव में तत्कालीन राज्य सरकार से परामर्श कर रहे थे, जिसका नेतृत्व डीएमके कर रही थी, लेकिन इसे मामले को पूरी तरह से गुप्त रखा गया था.”

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DMK कच्चातिवु पर बातचीत का थी हिस्‍सा
विदेश मंत्री जयशंकर ने मीडिया से कहा कि दस्तावेजों को देखने से यह पता चलता हे कि डीएमके इन वार्ताओं में और इसके नतीजे में एक पक्ष थी. उन्होंने कहा कि 1973 के बाद से तत्कालीन केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से तमिलनाडु सरकार और तत्कालीन मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के साथ निरंतर और विस्तृत परामर्श किया था. द्रमुक की स्थिति यह थी कि ठीक है हम इन सभी से सहमत हैं, लेकिन आप जानते हैं सार्वजनिक रूप से हम इसका समर्थन नहीं करेंगे. सार्वजनिक रूप से हम कुछ और कहेंगे, लेकिन वास्तव में हम आपके साथ हैं.”

जयशंकर ने बताई कच्चातिवु की सच्‍चाई, खड़ी चट्टान कहकर श्रीलंका को दी गई थी भारतीय जमीन, इस पार्टी को भी घेरा

कच्चातिवु को छोटी चट्टान मानकर श्रीलंका को दिया गया
इससे पहले 1 अप्रैल को, जयशंकर ने दावा किया था कि कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों ने कच्चातिवु द्वीप के बारे में उदासीनता दिखाई जैसे कि उन्हें इसकी परवाह नहीं थी और इसके विपरीत कानूनी विचारों के बावजूद उन्होंने भारतीय मछुआरों के अधिकारों को छोड़ दिया. उनका कहना था कि जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी जैसे प्रधानमंत्रियों ने समुद्री सीमा समझौते के तहत 1974 में श्रीलंका को दिए गए कच्चातिवु को छोटा द्वीप और छोटी चट्टान करार दिया था और कहा था कि यह मुद्दा अचानक नहीं उठा है. हमेशा एक जीवित मामला था. उन्होंने कहा था कि तत्कालीन विदेश सचिव द्वारा तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री और द्रमुक के दिवंगत मुखिया करुणानिधि को दोनों देशों के बीच हुई बातचीत की पूरी जानकारी रखने के रिकॉर्ड मौजूद हैं.

Tags: 2024 Lok Sabha Elections, DMK, Loksabha Election 2024, Loksabha Elections, S Jaishankar



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