खातेदार अपना एटीएम कार्ड जहां अपने जेब में रखे रहा और उसके खाते से अन्य किसी व्यक्ति द्वारा 13 हजार रूपया पार कर डाले

खातेदार अपना एटीएम कार्ड जहां अपने जेब में रखे रहा और उसके खाते से अन्य किसी व्यक्ति द्वारा 13 हजार रूपया पार कर डाले

INDIA NEWS 24 TV –GADARWARA-जहां एक ओर सरकार द्वारा हर व्यक्ति के बैक में खाते खुलबाते हुये  यह बात कही जा रही है कि वह अपना अधिकअधिक लेनदेन कैसलेस करे, जिसके चलते लोग अपनी जमा पूंजि को बैकों में जमा करते हुये लेनदेने करते हुये देखे जा रहे है। मगर आये दिन जिस तरह खातेदारों की राशि अपने बैक खातों से गायब हो रहे है उसके चलते निश्चित तौर से बैक के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बनने से नही चूक पा रही है तो दूसरी ओर खातेदार भी अपनी राशि को लेकर चिंता में नजर आते हुये देखे जा रहे है? कुछ इसी प्रकार की सच्चाई बीते हुये 9 जून को नगर की बैंक आॅफ इंडिया के एक खाते दार के साथ घटित हुई घटना को देखते हुये जान पड़ रहा है। क्योंकि खातेदार अपना एटीएम कार्ड जहां अपने जेब में रखे रहा और उसके खाते से अन्य किसी व्यक्ति द्वारा 13 हजार रूपया पार कर डाले। इस संबंध में पीड़ित राकेश कौरव ग्राम इमलिया पिपरिया निवासी द्वारा बैक अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा हाथ खड़े करते हुये अपनी जिम्मेदारी से मुकरते हुये देखे गये? घटना के संबंध में खातेदार राकेश कौरव द्वारा पुलिस थाने के साथ साथ बैंक आफ इंडिया शाखा प्रबंधक को भी की गई है। वही घटना को लेकर खातेदार राकेश कौरव द्वारा जानकारी देते हुये बताया गया है कि गाडरवारा स्थित बैंक आॅफ इंडिया ब्रांच में खात्I है, जिसमें खातेदार द्वारा विक्रय किये गये गेंहू की राशि 89994/- 8 जून एमईएफटी के माध्यम से जमा हुई। इसके बाद जब वह 9 जून को अपने खेत पर काम कर रहा था उस दौरान उसका एटीएम कार्ड भी जेब में था, मगर जब मोबाईल फोन पर पहले 2000/- तथा इसके बाद 10 हजार तथा फिर 3000 हजार रूपया खाते से निकले का मैसेज आया तो वह भौचक्का रह गया और पीड़ित तुरंत अपनी बैक शाखा पहुंचकर इसकी शिकायत करते हुये अधिकारियों को अवगत कराया गया। खातेदार राकेश कौरव का कहना है कि इस संबंध में बैक अधिकारियों का कहना है कि यह राशि आपके एटीएम के माध्यम से रायपुर में निकाली गई है? अब सवाल यह पैदा होता है कि जब खातेदार की जेब में एटीएम कार्ड रखा हुआ है और न ही उसस किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कोई पासवार्ड पूछा गया और न ही अन्य किसी भी तरह की जानकारी ली गई इसके बाद भी खाते से राशि निकल जाना निश्चित तौर से बैक की जिम्मेदारी व सुरक्षा पर सबाल खड़े करने से नही चूक रही है? अक्सर देखा जाता है कि फर्जी तौर से राशि निकालने की घटना जो सुनाई पड़ती है उसमें अज्ञात लोगों द्वारा खाता धारक के मोबाईल फोन पर कुछ जरूरी जानकारी पूछी जाती है और उसी दौरान जब खातेदार द्वारा गलती करते हुये अपने खाते संबंधी गुप्त जानकारियाँ बता देते है तो खातों से राशि गायब होने की खबरे आम बात बन चुकी है? मगर इस मामले में तो न ही खातेदार द्वारा किसी को कोई जानकारी प्रदान की गई है और इसके बाद भी उसके खाते से राशि निकल जाना निश्चित तौर से बैक की भूमिका सबालों के घेरे में आने से नही बच पा रही है? इस तरह जब खातेदार द्वारा पूरी सुरक्षा व सावधानी बरते जाने के बाद भी यदि उसके खाते से राशि निकल जाती है तो फिर इसका जिम्मेदार कौन होगा? इस तरह की घटनाओं की सच्चाई पर गौर किया जावे तो निश्चित तौर से बैक की लापरवाही उजागर होने से नही चूक पा रही है? इस संबंध में यदि पुलिस द्वारा निष्ठा के साथ जांच की जावे तो निश्चित तौर से खातेदार के खाते से गायब हुई राशि की जो सच्चाई उभरकर सामने आवेगी वह चौकानी वाली होने से नही बच पायेगी।